हनुमानजी पर स्वरूपानंदजी बोले, ब्राह्मण थे वो  

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कांग्रेस के वैचारिक सपोर्टर रहे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती श्रीहनुमानजी की जाति विवाद में कूदे कहा, तुलसीदासजी ने उन्हें ब्राह्मण बताया।     

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रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

जबलपुर। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा श्रीहनुमानजी की जाति बताए जाने के बाद यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रहे नेताओं के बोल-बचन राजनीति की गर्माहट को बढ़ा रहे हैं। लेकि शांत प्रकृति के स्वामी माने जाने वाले संत भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हट रहे। वैचारिक रूप से कांग्रेस के बड़े समर्थक माने जाने वाले शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती नेहनुमानजी की जाति संबंधी बयानबाजी में अपने शामिल किया और कहा कि वे ब्राह्मण थे।

स्वामी स्वरूपानंदजी ने कहा कि तुलसीदास जी ने  हनुमानजी के बारे में लिखा है कि कांधे मूज जनेऊ साजे। इसका सीधा अर्थ है कि वे ब्राह्मण थे न कि दलित। उन्होंने कहा कि भाजपा राममंदिर के निर्माण को लेकर ईमानदार नहीं है। वह सिर्फ 2019 के लोकसभा चुनाव में लाभ हासिल करने के लिए हथकंडे के रूप में इस मुद्दे को उछाल रही है।

स्वामी स्वरूपानंद ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमान को दलित बताए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में दलित शब्द था ही नहीं।

स्वामी स्वरूपानंद ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राममंदिर निर्माण को लेकर संसद को एक प्रस्ताव बनाकर सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करना चाहिए, जिसके आधार पर इस काम में आ रही बाधा को समाप्त किया जाए। लेकिन, भाजपा ऐसा न करके राममंदिर की बात कहकर जनता को भ्रमित कर रही है।

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