राम मंदिर फैसले से पहले मुस्लिम उलेमाओं के साथ RSS की बैठक

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राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसले से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समरसता बनाये रखने को लेकर कवायद

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने में बस कुछ दिन बाकि हैं। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ समरसता बनाये रखने की कवायद शुरू किया है। इसी सिलसिले में मंगलवार को आरएसएस के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारी भी शामिल थे। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के घर दो दर्जन से ज्यादा मुस्लिम बुद्धिजीवी और धर्मगुरु पहुंचे।

बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल और वरिष्ठ संघ प्रचारक रामलाल शामिल हुए। बैठक में शामिल तमाम मुस्लिम उलेमाओं ने संघ और सरकार की इस पहल की जमकर तारीफ की।  संघ का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भी पहल की है। मुस्लिम धर्म के उलेमाओं ने और बुद्धिजीवियों ने माना कि इस तरह की बैठकों से देश में सद्भाव, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और कटुता दूर होगी।

इस बैठक में मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाहे जिसके भी पक्ष में जाए, माहौल नही बिगड़ना चाहिए, दूसरे पक्ष को धैर्य बनाए रखना होगा। मामला जिसके पक्ष में जाए उसे उन्माद या खुशी नहीं दिखानी चाहिए। इस तरह का माहौल देश में बनाया जाए।

इसकी जिम्मेदारी समाज के उन लोगों की है जो अग्रणी हैं, जो अगुआ हैं। कवायद यह है कि सभी बुद्धिजीवी, धर्मगुरु और समाज के अग्रणी लोग अपने अपने स्तर पर समाज को यह मैसेज देने की कोशिश करें और सद्भाव बनाये रखें।

बैठक में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से कमाल फारूकी, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जब्बाद, अजमेर दरगाह के सैयद नसरुद्दीन चिश्ती और फ़िल्म डायरेक्टर मुज़्ज़फ्फर अली आदि शामिल थे।