मोदीजी, साधुओं की निर्मम हत्या पर खल गई आपकी खामोशी 

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महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की निर्मम हत्या (डिजाइन फोटो)

“ पाकिस्तान में सैन्य स्कूल पर पाकिस्तान पोषित आंतकियों द्वारा मारे गए स्कूली बच्चो के लिए आंसु, तथाकथित गौरक्षकों को सरेआम गुंडा बताने सहित अन्यान्य दुखद मौके पर श्रद्धांजलि प्रकट करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दो साधुओं की निर्मम हत्या पर अबतक एक शब्द नहीं कहा ”

Dr. Manoj Kumar Tiwary/ New Delhi.

महाराष्ट्र के पालघर में जिस प्रकार से बुजुर्ग सहित दो साधु व उनके ड्रावर की लाठी-डंडो, कुल्हाड़ी, तलवार से निर्मम हत्या से संपूर्ण हिन्दू समाज मर्माहत है। पाकिस्तान में सैन्य स्कूल पर पाकिस्तान पोषित आंतकियों के द्वारा सैनिक स्कूल में मारे गए छात्रों के लिए आंसु, तथाकथित गौरक्षकों को सरेआम गुंडा बताने सहित अन्यान्य मौके पर इस तरह कि दुखद मौके पर खेद व श्रद्धांजलि प्रकट करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दो साधुओं की निर्मम हत्या पर अबतक एक शब्द नहीं कहा है।

छोटी-बड़ी बातों पर अक्सर खुलकर प्रतिक्रिया देने वाले प्रधानमंत्रीजी ने हत्या के 6 दिन बीत जाने के बाद भी ट्वीटर तक पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस तरह की चुप्पी पर संपूर्ण देश व खासकर हिन्दू सनातन समाज हतप्रभ है। माना कि इस मसले पर गृहमंत्री अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से बात की पर आपकी ‘अलहदगी मौन’ पूरे संत समाज व हिन्दू मानस में नैराश्य भाव को ही भर रहा है।

जिसने भी पालघर पर बुजुर्ग साधु के मारे जाने का वीडियो देखा, वे मुर्छा की स्थिति में पहुंच गये। रात-दिन सोते-जागते बहुसंख्यक लोगों के दिमाग में 70 वर्षीय उस भगवाधारी साधु के सिर से गिर रहे लाल रक्त के बीच उस नामर्द पुलिसवाले का आततायियों के हवाले करने का दृश्य घुम रहा है। समाज क्रोध की ज्वाला में जल रहा है। देखना है कि प्रधानमंत्री अपनी मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी इस विषय पर कुछ कहते हैं या नहीं।

वैसे, संत समाज ने घोषणा की है कि 3 मई को लॉकडाउन हटने की स्थिति में महाराष्ट्र कूच करेंगे। हिन्दू धर्म के रक्षक नंगा साधुओं से अपील है कि आप का अस्तित्व इस धरती पर केवल भस्म, चिमटा व त्रिशुल धारण करने की ही नहीं है। आपको को किसी से कैसा डर। आपको हिन्दू समाज ने धर्म के पथ पर अधर्म से लड़ने के लिए न्योछावर किया है। आप साक्षात धर्म और अन्याय के खिलाफ घोषणा हैं। कहते हैं ‘संघे शक्ति कलियुगे’ …आपसे बड़ा संघ इस पृथ्वी पर दूसरा कोई नहीं।