President’s address budget session : कोरोना काल में सभी क्षेत्रों में सरकार ने किये भरपूर काम

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संसद के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिभाषण

कोरोना संकट की परेशानियों का प्रत्येक स्तर पर हल निकाला, वैक्सिनेशन का सबसे बड़ा वैश्विक प्रोग्राम, 2.6 लाख करोड़ रुपये का दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त खाद्य वितरण प्रोग्राम, उद्योगों में बढ़ोतरी, रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन व विदेश निवेश में बढ़ोतरी, मेक इन इंडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर भारी निवेश, रिकॉर्ड हाइवे-एक्सप्रेस-वे का निर्माण आदि क्षेत्रों में सरकार ने किये कार्य। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त सत्र को कर रहे संबोधित

manoj kumar tiwary@report4india/new delhi.

संसद में बजट सत्र के उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सरकार का अभिभाषण प्रस्तुत कर रहे हैं। राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में मोदी सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकास कार्यक्रम सहित नये क्षेत्रों में किये जा रहे नवीन शुरुआत का भी वर्णन अपने अभिभाषण में किया।

राष्ट्रपति अभिभाषण के मुख्य तथ्य-

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 2070 तक जीरो फीसद कार्बन उत्पादन लक्ष्य को तय किया, उपेक्षित क्षेत्रों को मुख्य धारा में लाने की योजना पर व्यापक कार्य

डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी
डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी के बढ़ते प्रसार के संदर्भ में देश के UPI प्लेटफॉर्म की सफलता के लिए सरकार ने बेहतर काम किया। बीते महीने बीते साल देश में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का लेन-देन UPI के माध्यम से हुआ।  सरकार की नीतियों से आज भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट तथा स्मार्टफोन की कीमत भी सबसे कम है। इसका  बड़ा लाभ जनता को मिल रही है।

रोजगार को PLI स्कीम
सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मौजूद संभावनाओं को साकार करने और युवाओं को अवसर देने के लिए 14 महत्वपूर्ण पीएलआई स्कीम शुरू की। ये स्कीमें देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी और रोजगार के अधिक अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

पूर्वोत्तर में बुनियादी सुविधाएं
पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में तेज विकास जारी है। बुनियादी सुविधाएं जिसमें सड़क व रेल लाइन शामिल है, पहुंचाई जा रही है। जम्मू कश्मीर में रोजगार के अवसर बढ़े। नेशनल हाईवे की लंबाई बढ़कर अब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो चुकी है। ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा होने के करीब है।

कोरोना काल में छोटे उद्योगों को मदद 
कोरोना काल में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के लिए 3 लाख करोड़ के कोलेट्रल फ्री लोन की व्यवस्था की गई। इस गारंटी को बाद में 4 लाख करोड़ किया गया। खादी की बिक्री देश में तीन गुना बढ़ी है।