आरोपी विधायक की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश पुलिस का अजीबोगरीब बयान

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UP Principal Secretary (Home) Arvind Kumar UnnaoCase

संगीन धाराओं में केस दर्ज करने के बाद भी आरोपी विधायक की गिरफ्तारी से उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने पल्ला झाड़ा 

लखनऊ में प्रेस को संबोधित करते उप्र के प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार व डीजीपी ओपी सिंह। ↓UP Principal Secretary (Home) Arvind Kumar UnnaoCase

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप और हत्या मामले में उत्तर प्रदेश सरकार व पुलिस का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। आरोपी विधायक के खिलाफ पॉस्को के गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए जाने के बावजूद उप्र सरकार की पुलिस ने विधायक की गिरफ्तारी से पाला झाड़ लिया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है और विधायक की गिरफ्तारी भी। इस दौरान उनके साथ प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार भी थे।

प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी ने कहा कि जबतक सीबीआई मामले की जांच अपने हाथ में नहीं लेती, तबतक एसआईटी जांच करती रहेगी। लेकिन केस दर्ज होने के बाद भी आरोपी विधायक की गिरफ्तारी से पल्ला झाड़ना उत्तर प्रदेश पुलिस की अजीबोगरीब हरकत है। सवाल है कि एक तरफ आरोपी जिसपर रेप और अपहरण जैसा संगीन अपराध में मामला दर्ज है, उसे गिरफ्तार करने से पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए हैं जबकि पुलिस दूसरी तरफ कह रही है कि सीबीआई जांच शुरू होने तक वह जांच करती रहेगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बिना यह जांच कैसी होगी। क्या पुलिस इस दौरान सबूतों से छेड़छेड़ करेगी। इस मामले में पुलिस के संपूर्ण रवैये पूरे प्रदेश की जनता का विश्वास उठ गया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच और गिरफ्तारी को लेकर एक नया अध्याय ही गढ़ दिया है। यदि पुलिस किसी के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज करती है तो उसकी गिरफ्तारी भला सीबीआई के भरोसे छोड़ सकती है?

पुलिस के इस बयान से साफ हो गया है कि योगी सरकार ने सीबीआई जांच सौंप कर मामले को लटकाना और इससे लोगों व मीडिया का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है।

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