शाहीन बाग खड़ा कर ‘केजरीवाल’ दिल्ली चुनाव नहीं जीत सकते : कपिल मिश्रा

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बीजेपी नेता कपिल मिश्रा।

“आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की शुद्ध राजनीति है मुसलिम वोट बैंक आधारित दिल्ली तैयार करना। एनजीओ ग्रुप वाला  केजरीवाल गैंग वामपंथी-मुसलिम तुष्टिकरण आधारित राजनीति का चोला पहना हुआ है। कांग्रेस और केजरीवाल की आइडियोलॉजी में कोई अंतर नहीं, अंदरखाने दोनों एक।”

Report4India Bureau/ New Delhi.

दिल्ली विधानसभा के मॉडल टाउन से बीजेपी नेता व उम्मीदवार कपिल मिश्रा के खिलाफ आम आदमी पार्टी की शिकायत पर कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो। उन्होंने बस अरविंद केजरीवाल की सोच और उनके बयानों पर अपनी मजबूत राय रखी है। दिल्ली की जनता के सामने सबकुछ साफ है कि उन्होंने अमानतुल्लाह खान को हर ऐसे मौके पर आगे खड़ा किया, जहां से हिंसा और अराजकता का जन्म होता हो। यहीं नहीं, आम आदमी पार्टी में रहते हुए विधायकों सहित ऐसे हर नेता व कार्यकर्ताओं को धमकाने के लिए अमानतुल्लाह खान केजरीवाल के लिए फोर्स का काम करता है। शाहीन बाग का पूरा मामला ही अमानुतुल्लाह खान और आम आदमी पार्टी के सपोर्ट पर चल रहा है।

कपिल मिश्रा ने कहा, अरविंद केजरीवाल ने सामाजिक आंदोलन को किनारे रख कर राजनीति में आने के लिए जो आधार जनता के सामने रखा था, राजनीति में आने के बाद किया उसके उलट। केजरीवाल ने कहा था कि वह पारंपरिक राजनीति को बदलने आएं हैं लेकिन जिस तरह से उन्होंने मुसलिम तुष्टिकरण का चोला ओढ़ा, वामपंथियों की तरह हर मौके पर देश के विरोध में बातें की, भारत के खिलाफ पाकिस्तान के मुद्दे का सपोर्ट किया, पार्टी में जिस तरह से बड़े नेताओं व संस्थापक सदस्यों को बाहर किया, वह बताने के लिए काफी है कि केजरीवाल ने सिर्फ सत्ता के लिए सामाजिक आंदोलन का इस्तेमाल किया। सत्ता की मलाई खाने के लिए उन सभी वसूलों की तिलांजलि दी, जिसे सार्वजनिक रूप से जनता के सामने घोषणा की गई थी। सत्ता के लिए केजरीवाल ने अपने आसपास चापलूसों, दलालों को खड़ा किया। यानी, केजरीवाल ने राजनीति में वह हर काम किया जिसे कभी वह गंदी राजनीति का हिस्सा बताते फिरते थे। दिल्ली की जनता को केजरवील के बारे में इन सभी बातों से अवगत कराना गलत नहीं है, बल्कि केजरीवाल को लेकर इन तथ्यों से दिल्ली की जनता एक स्वतंत्र राय व विचार बनाने में मदद मिलेगी।

कपिस मिश्रा ने कहा, केजरीवाल पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं और उन्होंने अपने ईर्द-गिर्द ऐसे लोगों को तैनात किया है जिनका काम है चुनाव आयोग के पास शिकायत करना, कभी जिसे वे उसी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते रहे हैं। आज केजरीवाल ईवीएम को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, जिसे बीते पांच साल तक मुद्दा बनाकर यहां तक कि दिल्ली विधानसभा में नौटंकी की थी, सही तथ्य उठाने पर उन्होंने मुझे विधानसभा में मार्शलों से बाहर करवाया था। कपुल मिश्रा ने कहा, उपरोक्त सभी सवाल जनता के सामने उठाने का काम मैं  करता रहूंगा।