विवाद को ‘राम-राम’ : बुखारी बोले, रिव्यू पीटिशन का औचित्य नहीं, मदनी ने कहा फैसला स्वीकार्य

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अयोध्या मामले में फैसले के बाद मुसलिम धर्मगुरुओं ने शांति की अपील की, सुप्रीम कोर्ट का फैसले को मानकर विकास के रास्ते आगे बढ़े, नये युग में प्रवेश करें। 

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। अयोध्या मामले में सर्वसम्मति से पांच जजों की संविधान पीठ ने जो फैसला दिया उसे लेकर मुसलिम धर्मगुरुओं ने शांति का संदेश प्रसारित किया है। सबने इस मामले में कहा कि फैसले का सम्मान हो और सभी एक नये रास्ते पर मिलजुलकर आगे बढ़े। देश में शांति, अमन और भाईचारे में कोई कमी न आए। नये भविष्य को लेकर और नये लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी मिलकर आगे बढ़े।

जामा मस्जिद दिल्ली के शाही इमाम अब्दुल्ला अहमद बुखारी ने फैसले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में फैसले का स्वागत किया और कहा कि देश में अमन-चैन में किसी तरह की रुकावट पैदा न हो। यहीं नहीं, उन्होंने मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा फैसले पर रिव्यू पीटिशन दायर करने के सवाल पर कहा कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा, इसका कोई फायदा नहीं होगा।

उधर, देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा -ए- हिन्द के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन्हें स्वीकार्य है। साथ ही संगठन का अपील है कि सभी खासकर मुस्लिम पक्ष फैसले का सम्मान करें और देश में अमन-चैन बरकरार रहे।