‘खेला’ हुआ पर कैप्टन का ‘खेल’ है बाकि …

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“बड़ी रणनीति और बुद्धिमता के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया। कैप्टन से साबित किया कि मैंने सोनिया गांधी को बोला था कि मैं सिद्धू के साथ काम नहीं कर पाऊंगा और विपरित परिस्थिति आई तो ‘कह कर’ कुर्सी छोड़ दी। कैप्टन की इस रणनीति से आखिरकार सबके सामने प्रभारी हरीश रावत को कहना पड़ा कि कैप्टन ने बेहतर काम किया है।” 

Manoj Kumar Tiwary/report4india@gmail.com

आखिरकार पंजाब में चुनाव से मात्र 5 माह पहले कांग्रेस आलाकमान की रणनीति ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की विदाई का रास्ता बना दिया। कांग्रेस आलाकमान की रणनीति थी कि कैप्टन को शहीद न होने दिया जाए और गुपचुप तरीके से हटा दिया जाए। परंतु, राजनीति के माहिर कैप्टन ने कांग्रेस आलाकमान के मंसूबे पर पानी फेर दिया। कैप्टन ने विधायक दल की बैठक से पहले अपनी पोजिशन को खंगाला और चुपचाप इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

कैप्टन ने प्रेस ब्रीफिंग में साफतौर पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया और कहा कि मुझे लगातार अपमानित किया जा रहा था। बिना मेरी जानकारी के दो माह में तीन बार विधायक दल की बैठक बुलाई जा रही है। उन्होंने कहा, मेरे जैसा स्वाभिमानी आदमी के खिलाफ लगातार षडयंत्र रचा गया। उन्होंने सोनिया गांधी से बात कर साफ कर दिया कि वे इस्तीफा देंगे। इस्तीफा देने के बाद कैप्टन ने सिद्धू पर तीखा हमला किया। कुछ समझते थे कि वे पार्टी छोड़ने का ऐलान करेंगे पर ऐसा नहीं किया बल्कि यह ऐलान कर दिया कि अगर सिद्धू को कमान सौंपी गई तो वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यानी, कांग्रेस आलाकमान को सिद्धू को सीएम बनाने का मतलब होगा कैप्टन को पार्टी से बाहर करने का संदेश। ऐसी स्थिति में कैप्टन जनता के बीच कांग्रेस छोड़ने या उससे अलग होने के अपने फैसले को वे कह सकेंगे कि ऐसा सोनिया-राहुल गांधी  ही चाहते थे। मैंने पार्टी नहीं छोड़ी बल्कि उनके पास इसके अलावा कांग्रेस आलाकमान ने कोई विकल्प ही नहीं छोड़ा।

कैप्टन ने कांग्रेस छोड़ी तो वे निश्चित बीजेपी या किसी अन्य पार्टी में नहीं जाएंगे। इस्तीफे के बाद कैप्टन ने अपनी रणनीति तय कर दी है कि फिलहाल कांग्रेस से बाहर नहीं जाएंगे। परंतु, वे सिद्धू को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सिद्धू देश विरोधी है और उसका सपोर्ट वे कभी नहीं करेंगे। इन परिस्थितियों में वे अपनी राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव में उतरेंगे जिसका खामियाजा कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा।