legend Lataji : ‘महागान’ का ‘महाप्रयाण’…गूंजता रहेगा, हमेशा…सदा   

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” स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर आज अंतिम यात्रा पर हैं अब वो सशरीर सामने तो नहीं होंगी पर उनकी राख इस मिट्टी में मिलकर अपनी भीनी-भीनी खुशबू बिखेरती रहेगी। वह भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, पर सृष्टि के रहने तक उनकी आवाज सुकून प्रदान करती रहेंगे।”   

मनोज कुमार तिवारी/ रिपोर्ट4इंडिया।

स्वर सामाज्ञी लता मंगेशकर 92 साल की उम्र में मां सरस्वती में मिल गईं। देश व दुनिया में ऐसा कोई नहीं, जिसने उनके जाने की खबर सुन सिहर न गया हो। इस चराचर जगत में मृत्यु ही अंतिम सत्य है, हर जन्म का अंत अवश्यमभावी है और इसे ही आत्मसात कर उनके करोड़ों प्रशंसक स्वयं को आज सान्तवना देने की स्थिति में हैं।

लताजी के निधन की खबर से दुनियाभर के उनके प्रशंसक चाहे वो हिन्दी या अन्य भाषा जिसमें उन्होंने गीतों को अपनी आवाज दी, जानता हो या न हो, पर उनकी आवाज सुन सिर हिला ही देता था। वर्तमान में सोशल मीडिया के जमाने में हजारों ऐसे वीडियो, हम यूट्यूब, फेसबूक जैसे प्लेटफार्म पर यूरोपीय, अमेरिकन, ऑस्ट्रेलियन व हिन्द महासागर में पूर्व के देशों में लता मंगेशकर के गीतों पर रिएक्शन देते हुए देख सकते हैं। ऐसे में लता मंगेशकर मेलोडी की दुनिया में एक जाना नाम है। इस धरती पर उनके चाहने वाले चाहे जहां भी हैं, उनके निधन की खबर से स्तब्ध हैं। साथ ही, उनके निधन की खबर के बाद लोग लगातार गूगल व यूट्यूब पर उनके गाये गानों को सर्च कर सून रहे हैं, यही लता मंगेशकर को सच्ची श्रद्धांजलि है।

लता मंगेशकर ने करीब 6 दशक तक विभिन्न गीतकारों व अलग-अलग नायिकाओं के लिए लिखे गये गीतों पर अपना स्वर दिया। दर्शकों या श्रोताओं को जब इस बात का अंदाजा होता था कि 18 साल की नायिका के लिए 70 साल की स्वर सामाज्ञी ने जो अपनी आवाज दी तो वे मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

सोशल मीडिया में पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल पर भी लता मंगेशकर के निधन पर लोगों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग कहते देखे गये कि वे तो बचपन से ही उनके गाये गीतों को गुनगुनाते रहे हैं। अपनी माताओं को घर में लताजी के गाये गीत सुनते-गुनगुनाते हुए भोजन बनाते देखा है। 1980 के दशक से लोग रेडियो पर लताजी के गीत सुनते रहे हैं। आज भी, जब लोग उदास होते हैं या फिर लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं तो लताजी के गाये गीत सुनकर आनंदविभोर होते रहे हैं। लताजी न केवल भारत बल्कि पूरी कायनात की शख्सियत रही हैं।