NIA को हीरेन हत्या केस जांच मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस ने दो गिरफ्तारी दिखाए

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अनिल देशमुख-परमबीर सिंह (डिजाइन फोटो)

महाराष्ट्र एटीएस अनिल वाजे की भी रिमांड लेने की कोशिश में, महाराष्ट्र सरकार एटीएस के माध्यम से हीरेन मनसुख केस को मोड़ने की दिशा में काम करने का प्रयास कर रही।

Report4india Bureau.

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी को धमकी देकर अरबों की उगाही करने का मंसूबा पालने वालों को बचाने में शिद्दत से जुटी महाराष्ट्र की उद्धव नीत महाअघाड़ी सरकार अभी भी मामले की लीपापोती में संलिप्त दिख रही है। उधर, मुबंई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खुलासे ने एनसीपी और शिवसेना को एक कर दिया है। दोनों को एक-दूसरे की तह का पता है और इसीलिए बड़ी बेशर्मी से  अनिल देशमुख को गृहमंत्री पद से नहीं हटाने का ऐलान किया जा रहा है।

शनिवार को ही केद्रीय गृहमंत्रालय ने हीरेन मनसुख हत्या मामले की जांच भी एनआईए को करने का आदेश दिया है। इस आदेश के साथ ही, उद्धव ठाकरे सरकार के कान खड़े हो गये। हीरेन हत्या की जांच एनआईए को सौंपते ही महाराष्ट्र की एटीएस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले पटाक्षेप करने का दावा किया है। एटीएस कोर्ट में इस मामले में अनिल वाजे को भी अपनी गिरफ्त में लेने का आवेदन दिया है। यानी, यह एनआईए से अनिल वाजे को छुड़ाकर अपनी गिरफ्त में लेने का प्रयास है ताकि उसे धमकी दिया जा सके कि वह अनिल देशमुख और उगाही मामले में अपना मुंह न खोल सके। संभव है, इसी दौरान अनिल वाजे की षडयंत्र कर मौत के घाट उतार दिया जाए।

बहरहाल, महाराष्ट्र एटीएस ने मनसुख हिरेन हत्या मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और एक सटोरिये नरेश धारे है। दोनों को कोर्ट में पेश कर उन्हें 30 मार्च तक अपनी कस्टडी में लिया है। साथ ही, एटीएस ने कोर्ट से सचिन वाजे की भी कस्टडी की मांग की है। फिलहाल, अनिल वाजे 25 मार्च तक एनआईए के कस्टडी में है।

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