लाखों ‘पीपल-बरगद’ पौधे लगाने का संकल्प, सबसे बड़ी नर्सरी की रखी नींव

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गुरुग्राम में पौधरोपण करते सीआरपीएफ के जवान।
  • 10 साल तक हरियाली क्रांति, 20 लाख पौधे लगाए जाएंगे, पौधरोपण में सबकी भागीदारी
  • गुरुग्राम के सेक्टर-80 स्थित लेक लैंड में ‘गिव मी ट्रीज ट्रस्ट’ के तत्वावधान में बनाई जा रही नर्सरी  -अश्विनी खुराना  /प्रबंध निदेशक, हरियाली क्रांति 

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो/ गुरुग्राम।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साइवर सिटी के नाम से प्रसिद्ध देश के बड़े औद्योगिक शहर गुरुग्राम में दुनिया की सबसे बड़ी पीपल और बरगद के पौधों की नर्सरी की नींव रखी गई। ‘गिव मी ट्रीज’ ट्रस्ट के तत्वावधान में चलाए गए पौधरोपण के कार्यक्रम में अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ की 31वीं बटालियन के जवानों ने योगदान दिया। यह कार्यक्रम ‘हरियाली क्रांति अभियान’ के तहत आयोजित किया गया।

यहां सेक्टर- 80 स्थित ‘लेक लैंड’ जहां पानी के उचित व्यवस्था है, ‘गिव मी ट्रीज’ ट्रस्ट नर्सरी बना रही है।  प्रबंध निदेशक अश्विनी खुराना ने इस जमीन को 10 साल तक के लिए ‘हरियाली क्रांति’ मुहिम को सौंप दिया है।

आगे, पौधरोपण अभियान में स्कूल, कॉलेज, सेना और खिलाड़ी समेत समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की योजना भी बनाई गई है। उत्तर भारत में हरियाली क्रांति के लिए नर्सरी के ये पौधे उपयोग में लाए जाएंगे। आने वाले समय में यह राजकीय और राष्ट्रीय वृक्षों की संख्या बढ़ाने का एक अहम केंद्र बनेगा। गौरतलब है कि, हरियाणा राज्य का राजकीय वृक्ष पीपल है जबकि, देश का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है।

ट्रस्ट के अनुसार, पीपल व बरगद के पौधों की नर्सरी नौ एकड़ क्षेत्रफल में बनेगी, जिसे तीन साल के एक तय कार्यक्रम के अनुरुप योजना बनाई गई है। प्रथम चरण में दो एकड़ की जमीन चिन्हित की गई है और अगले साल और 2 एकड़ जमीन ली जाएगी। तीसरे वर्ष में पांच एकड़ भूमि पर इसका विस्तार किया जाएगा। लेक लैंड में 20 लाख पेड़ों की नर्सरी बनाने का प्लान है, जो पीपल और बरगद की दुनिया की सबसे बड़ी नर्सरी होगी। सुरक्षा बल के जवान हर महीने इस नर्सरी की देखभाल में योगदान देंगे।

इस दौरान पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेने वाले सीआरपीएफ के जवानों ने कहा, वे इस मुहिम के साथ जुड़कर दिल्ली-एनसीआर की बेहद घनी आबादी के बीच पर्यावरण संरक्षण व जीवनदायिनी प्राणवायु को बढ़ाने में सहयोग करेंगे। जवानों ने सोरखा, मैंचा और बाबा नीम करोली में भी कई पौधे लगाए हैं। इनकी पौधारोपण केन्द्रों पर तालाब खोदने में भी अहम भूमिका रही है। इस मुहिम की शुरुआत पीपल बाबा ने हरियाणा से की है। पीपल बाबा ने कहा कि जहां भी उनकी टीम को मौका मिलेगा, वे हरियाली बढ़ाने में योगदान करेंगे।

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